कालीबाड़ी गुरुकुल महिला महाविद्यालय में : कौशल मेला।

//आपका आदेश न्यूज़ छत्तीसगढ़ //

रायपुर _कौशल मेला गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड, रायपुर के वाणिज्य विभाग द्वारा आज महाविद्यालय प्रांगण में ‘‘कौशल मेला’’ का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्राओं की कौशल प्रतिभा को बढ़ावा देना और आने वाले समय में उद्यमिता के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यह मेला छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के साथ स्थापित महाविद्यालय के रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अरुणा पल्टा, सेवानिवृत्त कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) रही। अध्यक्षता महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी द्वारा किया गया। डॉ. पल्टा ने छात्राओं के कौशल प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें बताया कि कौशल एवं उद्यमिता भविष्य के सबसे बड़ी आवश्यकता है एवं ऐसे आयोजन रचनात्मक उद्यमिता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। “कौशल विकास किसी भी विद्यार्थी के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। ‘‘बेेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’’ थीम पर आयोजित विधायें छात्राओं को केवल रचनात्मकता ही नहीं सिखातीं, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के मूल्य भी सिखाती हैं। मुझे प्रसन्नता है कि गुरुकुल महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, नवाचार और लगन का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मैं सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देती हूँ।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्री अजय तिवारी ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की दृष्टि से इस मेले के आयोजन की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि – “इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में उद्यमिता एवं स्वरोज़गार की दिशा में प्रेरित और प्रशिक्षित हो सकें।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कौशल विकास आज की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग है। हमारी छात्राएँ अपनी रचनात्मकता और क्षमता के बल पर भविष्य में निश्चित रूप से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देंगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 08ः30 बजे हुआ और 11ः00 बजे तक उत्साहपूर्वक चला। ‘‘बेेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’’ थीम पर आधारित इस मेले का मुख्य आकर्षण पेन स्टैंड, पुराने कपड़ों से बैग, अखबार और कार्डबोर्ड से सजावटी वस्तुएं आदि उपयोगी वस्तु रही। लगभग 150 छात्राओं ने बढ़-चढ़कर इस मेले में भाग लिया। छात्राओं ने विविध अनुपयोगी वस्तुओं को रचनात्मकता एवं नवाचार से उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित कर अपनी कौशल क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्णायकों ने छात्राओं की मौलिक सोच और कलात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में भी सार्थक योगदान करते है।
वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन मे यहाँ कार्यक्रम संपन्न हुआ इन्होने कहा ‘‘कौशल मेला’’ जैसे आयोजन छात्राओं को सृजनात्मक सोच, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं। ‘‘वेस्ट आउट ऑफ बेस्ट’’ प्रतियोगिता में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कृतियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि उनमें नवीनता, परिश्रम और आत्मविश्वास की प्रचुर क्षमता है।

पूरे आयोजन में महाविद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की संकाय सदस्यों एवं छात्राओं ने मिलकर किया।

*प्रतियोगिता परिणाम*

  1. प्रथम : सेजल देवांगन
    कक्षा – बी.एस.सी तृतीय सेमेस्टर
  2. द्वितीय : हिना परवीन
    कक्षा: बी.कॉम तृतीय सेमेस्टर .
  3. तृतीय : टोमेश्वरी साहू
    कक्षा: एम.कॉम तृतीय सेमेस्टर
  4. सांत्वना: सना खान
    कक्षा :बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर
  5. सांत्वना: लोकेश्वरी साहू
    कक्षा: बी.कॉम प्रथम सेमेस्ट।

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