अश्रुपूर्ण श्रद्धा के साथ याद की गई दादी रतनमोहिनी जी _ “विश्व एकता दिवस” बनकर जीवित है उनकी प्रेरणा”
वातावरण में एक ओर उनकी मधुर स्मृतियों की सुगंध थी, तो दूसरी ओर उनकी कमी का भाव हर हृदय को भावुक कर रहा था। महासमुंद डेस्क महासमुंद। आध्यात्मिकता, प्रेम और त्याग की जीवंत मिसाल रहीं…
