सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती के मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के नेट/सेट/पीएचडी क्वालिफाइड अभ्यर्थी उच्च शिक्षामंत्री टंक राम वर्मा से की मुलाक़ात।

//आपका आदेश न्यूज़ छत्तीसगढ़//

“असमंजस में हैं छत्तीसगढ़ के नेट/सेट/पीएचडी क्वालिफाइड अभ्यर्थी”

“एक तरफ सरकार छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव मनाने में व्यस्त हैं और दूसरी तरफ राज्य के उच्च शिक्षित वर्ग में महा आक्रोश हैं”

“छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा की लगातार अवहेलना कर रही है जिससे सभी उच्च शिक्षित वर्ग नाराज है और मन में गुस्सा बहुत हैं”

रायपुर छत्तीसगढ़ _: सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती के मांग कों लेकर छत्तीसगढ़ के नेट/सेट/पीएचडी क्वालिफाइड अभ्यर्थी उच्च शिक्षामंत्री श्री टंक राम वर्मा जी से मुलाक़ात किये. अभ्यर्थियों ने बताया कि 2024 में छत्तीसगढ़ सेट परीक्षा आयोजित किया गया था जिसका परीक्षा परिणाम लगभग 10 महीने बाद 2025 में युवाओं के भारी आंदोलन के बाद जारी किया गया।

अभ्यर्थियों ने बताया की सेट का आयोजन इसीलिए किया गया था कि इसके बाद सहायक प्राध्यापक की भर्ती होगी। और कुछ दिनों पहले सहायक प्राध्यापक के 625 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृती की जानकारी सोशल मिडिया के माध्यम मिला लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुआ है, वित्तीय स्वीकृति के बाद उच्च शिक्षा मंत्री का बयान आया कि सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती पुनः सेट परीक्षा आयोजित होने और परिणाम जारी होने के बाद किया जायेगा।

कुछ दिनों पहले व्यापम द्वारा 2026 के लिए कैलंडर जारी किया गया जिसमे छत्तीसगढ़ सेट परीक्षा का आयोजन अक्टूबर 2026 निर्धारित किया गया , इसका अर्थ यह हुया की सहायक प्राध्यापक की भर्ती 2027-2028 तक चली जाएगी, यह उच्च शिक्षित वर्ग के साथ धोखा है।

इस भर्ती की घोषणा 2024 में 2169 पद पर हुयी थी , 2025 मे 625 पर वित्तीय स्वीकृति मिली है और ये परीक्षा 2027-2028 में आयोजित करने कि योजना बना रहे है इस बात पर युवाओं में घोर निराशा उत्पन्न हो गया है। अपनी इन्ही निराशा कों दूर करने के लिए नेट / सेट / पीएचडी क्वालीफाईड अभ्यर्थी उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा से मुलाक़ात किये।

अभ्यर्थीयों ने उच्च शिक्षा मंत्री से मांग किये कि 625 से अधिक पदों पर भर्ती किया जाय और CG सेट परीक्षा अक्टूबर 2026 आयोजित होने के पूर्व सहायक प्राध्यापक की भर्ती किया जाये, साथ ही युवाओं ने मांग किया कि लम्बे समय से सहायक प्राध्यापक के पदों पर कोई भर्ती नहीं किया गया है जिससे बहुत से अभ्यर्थी उम्र सीमा से बाहर हो जायेंगे इसलिए एक बार 5 साल के लिए उम्र सीमा में छूट दिया जाये और सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती को छत्तीसगढ़ पीएससी के कैलंडर में स्थापित किया जाये।

इन्ही प्रमुख तीन मांगो कों लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात किये लेकिन युवाओं का कहना है कि कोई संतोष जनक आश्वासन हमको नहीं मिला और निराशा ही हाथ लगी।
बताते चलते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से इन 25 वर्षों में अब तक सिर्फ तीन बार ही 2009, 2014, और 2019 में सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती किया गया है। जनवरी 2019 में नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से अब तक लगभग पौने सात साल बाद भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, इतने लम्बे समय बाद भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होना अवश्य ही युवाओं में निराशा का कारण बन गया है साथ ही छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के बदहाल स्तिथि कों भी दर्शाता है।

2 माह पहले जारी NRIF की राष्टीय रैंकिंग में शीर्ष 100 कॉलेज में छत्तीसगढ़ के एक भी कॉलेज नहीं है, इसका मुख्य कारण कॉलेज में नियमित शिक्षक की कमी है।

एक ओर छत्तीसगढ़ के कॉलेज की शिक्षा का स्तर नीचे गिर रहा है, फिर भी डबल इंजन की सरकार नियमित भर्ती निकालने में टाल-मटोल कर रही हैं, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षित बेरोजगार घर में बैठने मज़बूर हैं और एक अवसर के लिए इंतजार कर रहे हैं।

चुनाव पूर्व शिक्षा क्षेत्र में भर्ती के लिए मोदी की गारंटी दी गयी थी और उस पर विश्वास करके उनको चुने है लेकिन मोदी की गारंटी अब तो किसी चीनी समान की गारंटी ही लग रही है, जिसका कोई भरोसा नहीं होता हैं।

निष्कर्ष _

अब देखना यह है की छत्तीसगढ़ की सरकार, छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिला पाती है या फिर वही कोरे आश्वासन देकर लम्बी इंतज़ार में युवाओं का उम्र बीतवा देगी।

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