“महासमुंद नयापारा सेवाकेंद्र में गणेश आकृति के आध्यात्मिक रहस्यों पर विशेष व्याख्यान”


“राजयोग अभ्यास से साधारण मानव भी बन सकता है पूजनीय” : ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी

//आपका आदेश न्यूज़ छत्तीसगढ़//

महासमुंद _ नयापारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन में आज प्रातः परमात्म महावाक्य श्रवण के पश्चात एक विशेष सत्संग का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी ने उपस्थित ईश्वरीय परिवार को संबोधित करते हुए विघ्नहर्ता गणेश की शारीरिक आकृति में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

“गणेशजी के अंगों से जीवन शिक्षाएँ”

दीदी ने कहा कि संस्थान की राजयोग शिक्षा और ध्यान से साधारण मनुष्य भी गणेशजी की भांति पूजनीय और सम्माननीय बन सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि—

विशाल मस्तक : विशाल बुद्धि और विवेक का प्रतीक।

बड़े कान : केवल अच्छाई ग्रहण करने का संदेश।

छोटी आंखें : दूरदर्शिता का परिचय।

छोटा मुख : कम बोलने का महत्व।

विशाल पेट : समायोजन की क्षमता।

एक दांत : द्वंद से ऊपर उठकर संतोष में जीने की शिक्षा।

कुल्हाड़ी : नकारात्मक आदतों और विचारों को काटने की शक्ति।

कमल का फूल : कठिन परिस्थितियों में भी शुद्ध और अछूता बने रहने की प्रेरणा।

आशीर्वाद मुद्रा : दूसरों के लिए सदैव मंगलमय संकल्प और आशीर्वचन।

“प्रीति दीदी नें कहा राजयोग से जीवन होगा सफल”

उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य प्रतिदिन राजयोग साधना व परमात्म महावाक्य श्रवण को अपनाए, तो इस घोर कलयुग में भी वह विघ्नहर्ता गणेश के समान पूजनीय, आदरणीय और विघ्नहर्ता जीवन जी सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *