शिवसेना जिलाध्यक्ष अजय बंजारे के नेतृत्व में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में  उग्र प्रदर्शन।

कार्यवाह प्रधानमंत्री यूनुस खान का पुतला दहन, छत्तीसगढ़ भर में विरोध

।। आपका आदेश न्यूज़ ।।

महासमुंद | 23 दिसंबर 2025

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध लगातार हो रही अत्याचार, हिंसा और निर्मम हत्याओं की घटनाओं को लेकर देशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन गंभीर घटनाओं पर बांग्लादेश के कार्यवाह प्रधानमंत्री यूनुस खान की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिवसेना छत्तीसगढ़ ने इसे न केवल चिंताजनक बल्कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा करार दिया है।

इन्हीं घटनाओं के विरोध में शिवसेना छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। संगठन ने बांग्लादेश सरकार की कथित उदासीनता और हिंदू विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्यवाह प्रधानमंत्री यूनुस खान का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।

इसी कड़ी में शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रमुख मनी धनंजय सिंह परिहार के निर्देशानुसार,
23 दिसम्बर मंगलवार दोपहर को जिला मुख्यालय के बरोंडा चौक में शिवसेना जिलाध्यक्ष अजय बंजारे के नेतृत्व में तीन दिन पहले बांग्लादेश में  एक हिन्दू युवक दीपू दास की बेरहमी से हत्या कर ,युवक को कथित तौर पर बांग्लादेशी मुसलमानो की भीड़ ने पेड़ में लटकाकर निर्वस्त्र कर जला दिया । इसके विरोध में बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के खिलाफ जम कर नारेबाजी कर बांग्लादेशी मुर्दाबाद और घुसपैठी भगाओ, देश बचाओ का नारा लगाया ।

शिवसैनिकों ने कथित बांग्लादेशी प्रधानमंत्री व उनके हत्यारो  का पुतला दहन किया गया। इस प्रदर्शन में युवासेना जिलाध्यक्ष नीरज साहू,धीरज सिन्हा ,बादल बंजारे, विजय प्रधान , अभिषेक शर्मा,दुर्गेश गुप्ता, अमित शर्मा, जालन्धर सोनवानी, मनी चतुर्वेदी, विक्की प्रजापति,हेमन्त साहू, कुंदन साहू,गोकुल नेताम, जीतू राजपूत ,रत्न सागर, राजा बघेल,सुशिल नेताम,तन्मय पटेल,अभी राजपूत,शिवा नेताम शेरू बघेल, आदि शिव सैनिक उपस्थिती में जोरदार प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, हमलों एवं हत्याओं के विरोध में नारेबाजी की तथा बांग्लादेश के तात्कालिक कार्यवाह प्रधानमंत्री यूनुस खान का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

शिवसेना नेताओं ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं। यदि बांग्लादेश सरकार ने शीघ्र ही इन घटनाओं पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि पर पड़ेगा। शिवसेना ने भारत सरकार से भी मांग की कि वह इस विषय को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से उठाए।

कार्यक्रम के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी, तो शिवसेना पूरे देश में आंदोलन को और तेज करेगी।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन शिवसैनिकों के तेवर साफ तौर पर यह संकेत दे रहे थे कि हिंदू समाज पर हो रहे किसी भी अन्याय के खिलाफ वे सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

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